यूठतो बाबा साहब का लिखा बोला à¤à¤• à¤à¤• शबà¥à¤¦ पढ़ डालना चाहिà¤. न पढ़ सकें तो कम से कम 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ में जाति', 'रिडिलà¥à¤¸ इन हिनà¥à¤¦à¥à¤‡à¤œà¥à¤®' यानी हिंदू धरà¥à¤® की पहेलिया, 'शूदà¥à¤° कौन हैं' जैसी कà¥à¤› किताबें तो ज़रूर पढ़ लें. ये à¤à¥€ न पढ़ सकें तो à¤à¤• किताब 'जाति का विनाश' तो पढ़ ही डालिà¤. बाबा साहब à¤à¤• जाति, à¤à¤• धरà¥à¤® या à¤à¤• राजनीतिक दल की परिधि में क़ैद हो ही नहीं सकते. बाबा साहब उसी के हैं, जो उनके विचारों, सपनों और संघरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से बिना समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ किठअड़ जाने व लड़ जाने को तैयार हो. बिना डरे जातिवादी, वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µà¤µà¤¾à¤¦à¥€, दंगाई, नफरती ताक़तों से लड़ जाà¤.बाबा साहब उसके हैं, जो उनके विचारों के लिठअपना सब कà¥à¤› दाव पर लगाने को तैयार हो जाà¤. बाबा साहब उसके हैं जो मनà¥à¤¸à¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ की बजाय संविधान को ही देश की सबसे अहम किताब माने. बाबा साहब उसके हैं जो बहà¥à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के हक़ अधिकार के लिठज़ालिम तानाशाहों से à¤à¥€ लड़ जाà¤.