डॉ. बी. आर. आंबेडकर की आतà¥à¤®à¤•था à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महानतम समाज-सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤•ों और दूरदरà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• असाधारण जीवन की à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤®à¤¾à¤°à¤•ीय कृति है । इस आतà¥à¤®à¤•था में डॉ. आंबेडकर अपने पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• जीवन, जातिगत à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ के खिलाफ अपने संघरà¥à¤·, शिकà¥à¤·à¤¾ के अपने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ तथा सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और मानवाधिकारों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के अपने अथक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ारी यातà¥à¤°à¤¾ पर ले जाते हैं। वे à¤à¤• छातà¥à¤°, à¤à¤• वकील, à¤à¤• विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥ और अंततः à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान के मà¥à¤–à¥à¤¯ वासà¥à¤¤à¥à¤•ार के रूप में अपने अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ को साà¤à¤¾ करते हैं । डॉ. बी. आर. आंबेडकर की आतà¥à¤®à¤•था दमन की गहरी जड़ें जमा चà¥à¤•ी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤“ं को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देने के साहस की याद दिलाती है । यह à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ इतिहास के कालकà¥à¤°à¤® को आकार देने में किठगठअसंखà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त बलिदानों और डॉ. आंबेडकर के अमिट पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को दरशाती है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान की मसौदा समिति के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· के रूप में उनकी à¤à¥‚मिका, जहाठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• नागरिक के अधिकारों और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठअथक संघरà¥à¤· किया, सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनकी अटूट पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है। उनकी आतà¥à¤®à¤•था à¤à¤• मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• पà¥à¤°à¤•ाश के रूप में काम करे, जो हमारे à¤à¥€à¤¤à¤° करà¥à¤£à¤¾, सहानà¥à¤à¥‚ति और समानता की निरंतर खोज की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को पà¥à¤°à¤œà¥à¤µà¤²à¤¿à¤¤ करे ।